healthy eating habits

बच्चों की खाने की हेल्दी हैबिट्स कैसे बनाये

आजकल हम सब सुनते व देखते है की छोटे छोटे बच्चे भी थकान, मोटापा और जोड़ो में दर्द की शिकायत करते है। इसके कई कारण है और मुख्य कारण है बच्चो का खान पान। आजकल बच्चे घर पर बने खाने की बजाय बाहर का खाना या जंक फ़ूड जैसे की चॉक्लेट या चिप्स खाना पसंद करते है। इतना ही बच्चो की फिजिकल एक्टिविटीज ना के बराबर है। टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर के कारण बच्चे घर के बाहर खेलने ही नहीं जाते और घंटो तक स्मार्ट फ़ोन या स्मार्ट टीवी पर गेम्स खेलते है।
अगर आप भी अपने बच्चे को स्वस्थ रखना चाहते है तो उसे शुरू से ही खाने से जुडी सब अच्छी आदते सिखाये। इस लेख में हमने बच्चों के खाने से जुडी आदतों को सुधारने के बारे में कुछ जरुरी जानकारी शेयर की है।

तो आइए जानते है बच्चों के खाने से जुडी आदतों को सुधारने के कुछ जरुरी टिप्स।




  • एक अच्छे रोल मॉडल बनें
  • परिवार के साथ मिलकर भोजन करें
  • बच्चों को फल व सब्जियां खरीदने में शामिल करे
  • टीवी देखते हुए भोजन ना करे
  • बच्चों को अधिक पानी पीना सिखाये
  • बच्चे को उम्र के हिसाब से खिलाये
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एक अच्छे रोल मॉडल बनें

बच्चे वही करना चाहते हैं जो वो हमे करते हुए देखते हैं। बच्चो को बड़ो की नक़ल करना अच्छा लगता है जैसे की आपको फ़ोन पर बात करता देख वे भी फ़ोन की मांग करते है। मतलब ये की यदि आपका बच्चा आपको दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडा और फल इत्यादि खाते हुए देखता है तो पूरी संभावना है की वह भी वही खाना ही खायेगा।
इतना ही नहीं बच्चे को यह समझाना मुश्किल है की पापा रात के खाने में पिज़्ज़ा क्यों खा सकते है जबकि उसे सब्जी या दाल खानी पड़ेगी!

परिवार के साथ मिलकर भोजन करें

अपने बच्चे को भी परिवार के साथ ही खाना खिलाये ताकि वह अपने माता-पिता और भाई-बहन सब को एक साथ मिल बैठकर पौष्टिक भोजन करते हुए देखें। परिवार के साथ मिलकर भोजन करने से बच्चे न केवल टीवी और वीडियो गेम से दूर होंगे बल्कि खाने की अच्छी आदतों के बारे में भी सीखेंगे परिवार के साथ मिलकर भोजन करने से आप परिवार के साथ जुड़ कर रहते है। इतना ही नहीं पारिवारिक भोजन में बच्चे जंक फूड कम खाते हैं और पौष्टिक भोजन अधिक खाते है। कोशिश करे की भोजन करते समय बच्चो को डांटे नहीं ताकि भोजन के समय पर उनकी रुचि बनी रही।






बच्चों को फल व सब्जियां खरीदने में शामिल करे

बच्चो को फल व सब्जियों के गुणों के बारे में बताने के लिए आप उन्हें खरीदारी के लिए साथ ले के जाए। इससे बच्चो को भोजन के अलग अलग ऑप्शंस का भी पता चलेगा और साथ ही ऐसे करने से बच्चे हेअल्थी मील्स की इम्पोर्टेंस ओर भी अच्छे से समझ पाएंगे।

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टीवी देखते हुए भोजन ना करे

बच्चो को भोजन करते हुए टीवी ना देखने दे। कोशिश करें dinning area ya kitchen में पुरे परिवार के साथ बैठ कर भोजन करे। टीवी देखते हुए भोजन करने से बच्चे पेट भरने पर भी बच्चे खाना खाते रहते है जिससे की मोटापे जैसी बीमारी हो सकती है।

बच्चों को अधिक पानी पीना सिखाये

अपने बच्चों को अधिक मात्रा में पानी पीने के फायदे बताए और उन्हें अधिक पानी पिने के लिए encourage करे। बच्चो को कोल्ड ड्रिंक और packed juices ना दे इनमे काफी मात्रा में शुगर होती है जिसका अधिक सेवन बच्चों में मोटापे का मुख्य कारण है।

बच्चे को उम्र के हिसाब से खिलाये

बच्चे का खाना पूरी तरह से उसकी उम्र पर निर्भरः करता है। 2 से 5 साल के बच्चे को दिन में तीन पुरे मील्स के अलावा दो बार हलके भोजन भी दे जैसे की फ्रूट्स या फ्रेश जूस 5 से 10 साल के बच्चे को कैल्शियम की अधिक जरुरत होती है इसलिए इस उम्र के बच्चे को अधिक मात्रा में डेरी प्रोडक्ट्स दे।

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