normal delivery ke upay in hindi | नॉर्मल डिलीवरी के उपाय

नॉर्मल डिलीवरी के उपाय – How to get normal delivery without pain

normal delivery tips

ज्यादातर गर्भवती महिलाएं नॉर्मल डिलीवरी की इच्छा रखती हैं। एक अध्ययन के अनुसार 15 प्रतिशत महिलाओं में सी-सेक्शन डिलीवरी की जाती है। यह सच है कि ज़्यादतर किस्से में निश्चित रूप से कुछ प्रकार के कॉम्प्लिकेशन कि संभावना होती है। जिसके कारण डॉक्टर सी-सेक्शन जैसे बाहरी चिकित्सा की सलाह देते है। लेकिन कुछ महिलाएं लेबर पेन के डर से या अनावश्यक चिंता की वजह से यह रास्ता चुनती है। जो सी सेक्शन डिलीवरी रोके जाने योग्य होती है।




नैचुरल लेबर पेन होना बहुत स्वाभाविक है जो ज्यादातर महिलाएं करने में सक्षम हैं। लेबर ही एक नेचुरल घटना है जो आपको आपके बच्चे से मिलाएगी। एक सामान्य प्रसव मां की स्वस्थ डिलीवरी को आसान बनाता है। आइए जानते है कि कुछ स्टेप्स लेकर आप अपनी नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ा सकते है।

Normal delivery ke upay in hindi

प्री नटल क्लासेज ले

शोध से पता चला है कि जिन लोगों ने प्रसव पूर्व जानकारी में भाग लिया है, उनमें सी-सेक्शन के बिना नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना 50 प्रतिशत अधिक होती है। क्योंकि ऐसी महिलाएं अपने आप को मानसिक रूप से तैयार रखती है। प्रसव पीड़ा के समय आपको क्या करना चाहिए इसकी जानकारी भी मिलती है।

ये भी पढ़े:  1 से 3 महीने का गर्भ गिराने के घरेलु उपाय : सबसे सुरक्षित तरीके



अपनी गायनिक को आपकी नॉर्मल डिलीवरी की इच्छा बताए

अपने परिवार और गायनिक सहित सबसे इस बारे में बात करे। काफी हॉस्पिटल आपको अपना बर्थ प्लान पसंद करने की छूट देते है। या अपनी गायनिक से इस बारे में काउंसलिंग सेशन करे।




नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण

अर्ली इंटरवेंशन से बचें

यह सामान्य है कि महिलाएं कभी-कभी महसूस करती हैं कि वे लेबर में जा रही हैं। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद यह पता चलता है कि यह एक गलत अलार्म था।  ऐसे मामलों में, अनावश्यक रूप से अस्पताल में रहने से बचें। जब तक आपके डॉक्टर द्वारा सलाह नहीं दी जाती तब तक घर वापस आएँ। प्रसव यानी कि लेबर 3 स्टेज में होता है। शुरुआती प्रसव का फेस लंबा हो सकता है। आप घर पर ही अपने हॉस्पिटल के सामान की तैयारी कर सकते है। कंफर्टेबल बाथ ले सकते है। लाइट डायट और पेय ले सकते है। जब आपको लगे की कॉन्ट्रैक्शन बढ़ रहे है तब आप हॉस्पिटल में एडमिट हो सकते है। इसकी वजह से अनावश्यक इंटरवेंशन काम होगे। आप लेबर के स्टेज की पूरी जानकारी अपने प्री नटल क्लासेज में ले सकते है।



Tips for normal delivery

स्वस्थ आहार रखें

गर्भावस्था में उचित आहार न केवल आपके शरीर के लिए बल्कि बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। साथ ही प्रसव के लिए बहुत अधिक ताकत हासिल करना महत्वपूर्ण है।  एक मजबूत शरीर लेबर की चुनौतियों का सामना अधिक आसानी से कर सकता है। बहुत सारी हरी सब्जियां खाएं क्योंकि यह आयरन और फोलेट एसिड का एक समृद्ध स्रोत है। यह प्रसव के बाद के एनीमिया को रोकने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

ये भी पढ़े:  क्या गर्भनिरोधक टेबलेट लेना सही है?

exercise for normal delivery

नियमित व्यायाम करें

गर्भावस्था में नियमित व्यायाम से अच्छी सहनशक्ति का निर्माण होगा। जिससे आपको प्रसव पीड़ा को सहन करने में मदद मिलेगी। किगल एक्सरसाइज विशेष रूप से बहुत सहायक होगी।  यह पेल्विक फ्लोर और जांघों को मजबूत बनाने में मदद करता है। पहले से रिलैक्सेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज की तकनीक का अभ्यास करें।

पर्याप्त नींद लें

अच्छी नींद लेना शिशु के स्वस्थ विकास और आपके शांत रहने के लिए आवश्यक है।

ड्यू डेट एक अनुमान है यह समझें

अल्ट्रासाउंड की मदद से तकनीशियनों द्वारा पिन की गई एक सप्ताह या इससे भी अधिक हो सकती है। ड्यू डेट एक अनुमान है। इसलिए बस स्वाभाविक रहें और बच्चे को अपना जन्मदिन चुनने दें।

Normal baby delivery

प्रसव की डरावनी कहानियों से बचें

ऐसे लोगों से दूर रहें जो अपने नकारात्मक अनुभव आपसे शेयर करते है। कोई भी दो डिलीवरी एक जैसी नहीं होती। इन नकारात्मक बातों को सुनकर आपमें अनावश्यक भय उत्पन्न हो सकता है। आप अपना अच्छे से ख्याल रखें और सकारात्मक सोचें।

आप प्रसव पूर्व अच्छे प्री नेटल वर्गों में जाए। अन्य शैलियों का अभ्यास करे। जो आपको लेबर और नॉर्मल डिलीवरी के बारे मी ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे। आपको नॉर्मल डिलीवरी के लिए प्रेरित करे। आप वॉटर डिलीवरी, रिलैक्सेशन, अन्य हॉलिस्टिक अप्रोच जैसी तकनीक के बारे में जान सकते है। यह क्लास रेगुलर या वीकेंड्स पर हो सकती है।

आप अपनी तरफ से ऊपर दिए गए स्मार्ट स्टेप्स ले सकते है। आपको आखरी फैसला अपनी गायनिक पे छोड़ना चाहिए। क्यूंकि आपका लेबर और डिलीवरी उनकी निगरानी में होगी। आपको भरोसा रखना चाहिए की वह आपके और आपके शिशु के स्वास्थ्य के लिए सही कदम उठाएगी।




ये भी पढ़े:  गर्भवती होने से कैसे बचें - प्रेग्नेन्सी रोकने के घरेलू उपाय
Previous Post
गर्भावस्था के दौरान धड़कन क्यों बढ़ जाता है?
गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान धड़कन क्यों बढ़ जाता है?

Next Post
gharelu nuskhe for abortion in hindi
गर्भावस्था

1 से 3 महीने का गर्भ गिराने के घरेलु उपाय : सबसे सुरक्षित तरीके

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *