प्रेगनेंसी के तरीके

किस तरह से हो सकते है प्रेग्नेंट? क्या है सही तरीके प्रेगनेंसी के?

हर महिला के शादीशुदा जीवन का एक अहम क्षण तब होता है जब वो माँ बनती है। अपने मायके और ससुराल को नए रिश्तों में बांधती है, लेकिन वही स्त्री जब शादी के कुछ समय तक माँ ना बन पाए तो? केवल समाज ही नही स्वयं उसका परिवार उसे कठघरे में खड़ा कर देता है। क्या क्या मन्नत नही मांगती, क्या क्या जतन नही करती एक स्त्री अपनी सूनी गोद भरने के लिए। आज हम कोशिश करते है आपको प्रेग्नेंसी के तरीके बताने की जो माँ बनने में आपकी मदद कर सकते है। इन तरीकों को फॉलो करिये आपको माँ बनने का सुख जरूर प्राप्त होगा।

1- ओवुलेशन का रखे ध्यान

गर्भधारण का सबसे सही समय ओवुलेशन पीरियड होता है। उदाहरण के लिए यदि आपकी सायकल 28 दिन की है तो ग्यारहवें दिन से लेकर 14वे दिन तक ओवुलेशन पीरियड होगा। इसके लिए आप ओवुलेशन कलकुलेटर या ओवुलेशन स्ट्रिप का प्रयोग कर सकती है।

2-तनाव भूल जाए

तनाव आपके माँ बनने में बहुत बड़ी अड़चन हो सकता है। तनाव आपके हॉर्मोनल असंतुलन के लिए जिम्मेदार होता है, जिससे थाइरोइड और पी. सी. ओ. डी. जैसी बीमारी हो सकती है। इसलिए खुश रहे, अपनी होबिज़ पर ध्यान दे।

ये भी पढ़े:  क्या घरेलु नुस्के है फायदेमंद गर्भपात से बचने के लिए?

3-नशा बिल्कुल ना करे

नशा के कोई फायदे तो होते नही है, उल्टा ये स्त्री पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता पर गलत प्रभाव डालता है।

4-वजन कम रखे

यदि आप ओवरवेट है तो माँ बनने के लिए अपने वजन को कंट्रोल करें। क्योंकि ज्यादा वजन प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालता है। इससे अनियमित माहवारी के चांसेस बढ़ जाते है।

5-बॉडी टेम्परेचर जरूर देखें

हाई ओवुलेशन पीरियड में बॉडी टेम्परेचर 0.6 से 0.8 डिग्री तक बढ़ जाता है। इसलिए सुबह उठकर अपना शरीर का तापमान रोज़ नापे।

6-डॉक्टर् से खुल कर बात करे

यदि आप बहुत समय से कंसीव करने की कोशिश कर रही है और सफल नही हो पा रही तो सबसे पहले पति पत्नी डॉक्टर से मिले। डॉक्टर आपकी समस्या या बीमारी के आधार पर प्रेग्नेंसी के तरीके बता सकता है।

7-जीवन शैली बदले

आधी से ज्यादा दिक्कते गलत जीवनशैली की देन है तो इसे बदलकर खूब पानी पीएं, नेचुरल चीज़े अपनाए, योग या व्यायाम करें। इससे केवल हार्मोनल दिक्कते ही दूर नही होंगी बल्कि मानसिक शक्ति भी बढ़ेगी।

8-भोजन पर ध्यान दे

साबुत या अंकुरित अनाज ज्यादा से ज्यादा खाए, अजमोद,शतावरी,बीन्स और फलियों में काले सेम,राजमा,किडनी बीन्स का भी सेवन कर, फोलिक एसिड युक्त भोज्य पदार्थ ले। सोया प्रोडक्ट खाए पर यदि आपको थाइरोइड है तो ना खाएं, मांसाहारी है तो मेकरल और सालमन मछली का सेवन करे। अलसी के बीज खाए। जंक फूड, कैफीन,एल्कोहल, छोड़ दे। विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर भोजन करे, कैल्शियम ,प्रोटीन,आयरन ले। जिंक का सेवन करे। दूध,दही,पनीर,साबुत अनाज ,दाल।

9-सेक्स का सही तरीका अपनाए

सुबह के समय सेक्स करने से गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। दिमाग पर प्रेग्नेंट होने का प्रेशर ना रखे, सेक्स के समय पुरुष ऊपर रहे। अण्डोत्सर्ग के दिनों को जाया ना करे, इस समय सेक्स जरूर करें। लुब्रिकेंट शुक्राणु की गतिशीलता पर प्रभाव डालता है अतः इसका इस्तेमाल ना करें। कई बार रस्खलन के बाद स्त्री तुरन्त उठकर चल देती है ऐसा ना करे, कुछ देर ऐसे ही लेटी रहे।

ये भी पढ़े:  गर्भावस्था का दूसरा महीना – लक्षण, शारीरिक बदलाव और देखभाल

10-एक्सरसाइज और नींद

बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है। इसी तरह कम नींद लेने से इम्यून सिस्टम वीक हो जाता है जिससे इन्फेक्शन जल्दी पकड़ लेता है।

11-सही उम्र में निर्णय ले

उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन क्षमता, अंडों की गुणवत्ता कम होती जाती है। इसलिए 25 से 30 की उम्र तक माँ बनने की कोशिश करे अन्यथा माँ बनना मुश्किल ही नही होता बल्कि बच्चे में भी कई विसंगति पैदा हो जाती है।

12-पुरुष की भी जिम्मेदारी

धूम्रपान व शराब का सेवन ना करे, टाइट अंडरवेयर ना पहने, बहुत ज्यादा कसरत ना करे, सेक्स पावर बढ़ाने वाली चीज़ों का सेवन ज्यादा ना करे।

प्रेग्नेंसी के तरीकों में कुछ घरेलू उपाय

  1. करीब 25 ग्राम साबुत गेहूं ले, उन्हें पानी मे भिगो दें रात भर ऐसे ही छोड़ दे। सुबह पानी छान कर अलग कर ले, और एक सूती कपड़े में बांध लें। जब गेहूं अंकुरित हो जाए उसमे किशमिश मिलाकर रोज़ सुबह खाली पेट खाए। इसके अलावा कुछ ना मिलाए।
  2. पीली सरसों को बारीक पीस ले, अब रोज एक चम्मच पानी के साथ, पीरियड शुरू होने के चौथे दिन से लगातार एक महीने तक ले। एक भी दिन मिस ना करे, किसी भी समय ले सकते है लेकिन जिस समय पर पहले दिन ले, रोज़ वही समय पर लेना है।
  3. शिवलिंगी के बीज, नागोरी असगंध, नागकेसर, मुलेठी, कमल केसर, वंशलोचन सभी 10-10 ग्राम की मात्रा में ले। 100ग्राम मिश्री ले, सबकों मिलाकर बारीक चूर्ण बना ले। अब पीरियड खत्म होते ही 6 ग्राम रोज दिन में तीन बार बछड़े वाली गाय के दूध के साथ सेवन करे। इसका सेवन बारहवीं रात्रि तक करे।
ये भी पढ़े:  प्रेगनेंसी रोकने की दवा - pregnant na hone ki dawa
1 Shares

Leave a comment