गर्भावस्था में पेट दर्द के कारण

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के कारण व उपाय

गर्भावस्था में एक स्त्री कई नई चीज़ महसूस करती है, जैसे की हार्मोंस का बदलना, मूड का अचानक बदलना, कुछ अलग खाने की इच्छा वग़ैरा। लेकिन बहुत से कुछ ऐसे भी लक्षण है जिन्हें आपको नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और इनके से एक है गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द (Abdominal Pain In Pregnancy)। चलिए जान लेते है की अगर गर्भावस्था में आपके पेट में दर्द हो रहा है तो उसका क्या मतलब हो सकता है।

प्रेगनेंसी में पेट दर्द या पेट में ऐंठन| Pregnancy Me Pet Dard in Hindi

किसी भी गर्भवती स्त्री के लिए पेट में दर्द होना कई तरह के सवाल और डर मन में लाता है। शायद आपको गर्भपात का भी डर लग सकता है लेकिन गर्भावस्था में पेट में ऐंठन काफ़ी साधारण है। खासकर गर्भ धारण के शुरुआती दस से बारह हफ़्तों में पेट में दर्द होता है जिसकी वजह है गर्भवती स्त्री के गर्भाशय के आकार में वृद्धि होना, जब गर्भाशय बढ़ेगा तो पेट में दर्द महसूस हो सकता है। आपके संयुबंधन यानी लिगमेंट्स में खिंचाव, हार्मोंस में बदलाव, क़ब्ज़ आदि की वजह से आपको पेट में दर्द हो सकता है। कभी कभी यह दर्द मासिक धर्म के जैसा भी लग सकता है। ऐसे में आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं। लेकिन अगर आपको ज़्यादा दर्द महसूस हो रहा हो तो बिना हिचक अपने डॉक्टर को बताए।

गर्भावस्था में पेट दर्द के कारण
गर्भावस्था में पेट दर्द के कारण

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के प्रमुख कारण | Pregnancy me pet dard in Hindi

 

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गर्भाशय का बढ़ना
पेट में गैस बनना
पेट में कब्ज
गर्भपात
यूरिन इन्फेक्शन
Stone in Gall Bladder

यह बातें नज़रंदाज़ ना करे 

  • ज़्यादातर गर्भवती महिलाओं को पेट दर्द की वजह से परेशान होने की ज़रूरत नहीं होती है लेकिन अगर आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द (Lower Abdominal Pain In Pregnancy) महसूस हो रहा है तो फ़ौरन अपने डॉक्टर को बताए। इस तरह का दर्द एकटोपिक प्रेग्नन्सी यानी गर्भाशय नलिका में गर्भ होने का एक लक्षण भी हो सकती है। उसने कुछ लक्षण भी शामिल है जैसे रक्तस्राव, बेहोशी या चक्कर आना, मल मूत्र करने में दिक्कत, भूरे रंग का स्त्राव होना। यह लक्षण शुरू के पाँच से बारह जागती के बीच दिखाई दे सकते है।

  • यदि आपके पेट में भारी या कठोर दर्द हो रहा है जो काफ़ी घंटे तक ना जाए तो यह गर्भपात का लक्षण हो सकता है। यह दर्द रक्त्स्त्राव के साथ या उसके बिना भी हो सकता है।

  • गर्भावस्था के 36 हफ़्तों से पहले यदि पेट में दर्द भरे नियमित मरोड़ यानी कंट्रैक्शन पड़ रहे है तो यह समय से पहले प्रसव होने के लक्षण हो सकते है। यदि आपको कमर में अचानक से दर्द हो रहा है, योनि से लगातार स्त्राव होना और पेट के निचले भाग में दबाव होना भी समय से पहले होने वाले प्रसव का लक्षण है। तो यदि यह सारे लक्षण आप महसूस कर रही है तो जल्दी से अपने डॉक्टर को बताए।

  • पेट में होने वाला लगातार दर्द प्लसेंटल प्रेविया यानी Placental Abruption का भी एक लक्षण हो सकता है। इसके आपको पेट पर कोमलता का एहसास और कमर दर्द महसूस हो सकता है, सक्त्स्त्राव के साथ या बिना।

  • पेट के ऊपरी भाग में यदि दर्द (Upper Stomach Pain During Pregnancy) है तो इसे प्रीयक्लैम्प्सीअ (Pre Eclampsia) भी कहते है। इसने आपके चेहरे पर अचानक से सूजन का बड़ना, नज़र का धुँधला होना, सर दर्द जो की जल्दी ना ठीक हो, उलटी होने का अहसास, यह सब लक्षण हो सकते है।

  • पेट के निचले भाग में दर्द और कमर दर्द (lower abdominal pain in pregnancy) का होना, पेशाब करने में दिक्कत, पेशाब में से बुरी गंध आना, शरीर के तापमान में वृद्धि और बीमार होने का अहसास, यह सब लक्षण मूत्र मार्ग संक्रमण यानी यू॰ टी॰ आई॰ के हो सकते है।

इस बात का ज़रूर ध्यान रखे की दर्द कहीं भी हो यदि वो लगातार हो रहा है और मरोड़ भी पड़ रहे है पेट में तो जल्दी से जल्दी अपनी डॉक्टर को लक्षणों के बारे में बताए। गर्भावस्था में पेट दर्द (Stomach Pain In Pregnancy) होना काफ़ी साधारण बात है लेकिन हमें ध्यान रखना है की दर्द किस प्रकार का है।

प्रेगनेंसी में पेट दर्द का इलाज | Pregnancy Me Pet Dard Ka Ilaj | पेट दर्द का घरेलु उपचार

प्रेगनेंसी में पेट दर्द कम करने के लिए आप कुछ घरेलु उपाय (pet dard ke gharelu nuskhe) भी आजमा सकती है जो की इस प्रकार है।

  • गर्भावस्था में पेट दर्द का एक मुख्य कारण है कब्ज। ऐसे में पेट दर्द से बचने के लिए फाइबर से भरपूर आहार ले। दाल हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज इत्यादि को अपने रोजना के भोजन में शामिल करे।
  • गर्भावस्था में पेट दर्द का एक और कारण है गैस बनना। गैस से बचने के लिए नियमित रूप से कुछ हलके व्यायाम करे और सैर करे।
  • प्रेगनेंसी में पेट दर्द कम करने के लिए गरम पानी की बोतल से सिकाई करे। ध्यान रखे पानी ज्यादा गर्म ना हो।
  • पेट में जिस तरफ दर्द हो रहा हो उसके दूसरी तरफ होकर लेट जाएं और आराम करें।
  • गर्भावस्था में पेट दर्द कम करने के लिए अधिक से अधिक पानी पिए।
  • प्रेगनेंसी में पेट दर्द होने पर थोड़ी देर के लिए बैठ जाये और आराम करे।
  • गर्भवस्था में पेट दर्द होने पर गरम पानी से नहाने से भी पेट दर्द में आराम मिलता है परन्तु ध्यान रखे पानी अधिक गरम ना हो।
  • गैस बनाने वाले खदाय पदार्थ ना खाये जैसे की गोभी, आलू, भिंडी आदि।
  • थके नहीं और खूब आराम करे।
  • एक ही बार में इकट्ठा भोजन न करे बल्कि चार से पांच बार में थोड़ा थोड़ा भोजन करें। इससे आपको भोजन पचाने में आसानी होगी।

गर्भावस्था में पेट में दर्द होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द एक सामान्य लक्षण है फिर भी पेट में तेज़ दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क अवशय करे। यदि आपको नीचे लिखे गए लक्षणों में से एक भी लक्षण दिखाई दे तों तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें :

  • अगर आपको बुखार जैसा महसूस हो या बेमौसम ही ठंड लगने लगे।
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने पर।
  • तेज सर दर्द होने पर या चक्कर आने पर।
  • अगर आप गर्भावस्था की पहली तिमाही में है और तेज़ पेट दर्द के साथ ब्लीडिंग या स्पॉटिंग नज़र आए तो फ़ौरन डॉक्टर से बात करे।
  • पेट दर्द के साथ जी-मिलाने या चक्कर आने पर।
  • हाथ-पैरों में सूजन बढ़ जाने पर।
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होने पर।
  • पेट दर्द के समय बात करने या सांस लेने में दिक्कत होने पर।

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