woman-holding-pregnancy-test

क्या है प्रेगनेंसी से बचने के उपाय?

कोई भी नवयुगल शादी होने के तुरन्त बाद बच्चा नही चाहता। शुरुआती समय पूरी तरह रोमांस से भरा होता है, ऐसे में कोई भी कपल बच्चे की जिम्मेदारी लेने से बचता है। इसके अलावा भी बच्चा ना चाहने के कई कारण हो सकते है। जैसे एक बच्चा होने के बाद दूसरे बच्चे में अंतराल रखना या आर्थिक स्थिति का कमजोर होना। ऐसे में शादीशुदा जोड़ा प्रेग्नेंसी से बचने के उपाय खोजते है जिससे शारीरिक सुख में भी कमी ना आए और गर्भधारण भी ना हो।
प्रेग्नेंसी से दो प्रकार से बचा जा सकता है, एक घेरलू उपाय द्वारा और दूसरा मानवीय कोशिश करके। तो आज हम बताएंगे किस प्रकार आप प्रेग्नेंट होने से बच सकती है।

घरेलू उपाय

1-सूखी अंजीर

सूखी अंजीर की तासीर बहुत गर्म होती है इसलिए पीरियड खत्म होने के तथा सम्बन्ध बनाने के तीन चार दिन बाद तक अंजीर का सेवन करें। बस ध्यान रखे कि आपको पेट गर्म होने की समस्या तो नही है अन्यथा आपको लूज मोशन हो सकते है।

2-सूखी खुबानी

सूखी खुबानी भी प्रेग्नेंसी से बचने का बेहतरीन तरीका है, इसके लिए।पीरियड खत्म होने के बाद 6 दिन तक तथा सेक्स करने के बाद सूखी खुबानी खाए। इसे शहद में मिलाकर भी खा सकते है।

3-विटामिन सी

सामान्यतया विटामिन सी का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में करते है। पर ऐसा माना जाता है कि विटामिन सी का ज्यादा सेवन प्रेग्नेंसी रोकने में सहायक होता है। तो ज्यादा से ज्याद विटामिन सी युक्त पदार्थो का सेवन।

ये भी पढ़े:  गर्भावस्था के टिप्स | Tips For Healthy Pregnancy

4- ब्लैक एंड ब्लू कोहोश

ये एक आयुर्वेदिक औषधि होती है जो काले और नीले रंग में उपलब्ध होती है। इनमें पाए जाने वाले तत्व जैसे कॉलसोस्पोनीन और ऑक्सिटोसिन प्रेग्नेंसी रोकने में मदद करते है।

5-मगवॉर्ट

इस आयुर्वेदिक औषधि में पाए जाने वाले गर्भाशय कॉन्ट्रेक्शन जो तेज करते है। इस पौधे की ताजा पत्तियां ले, पानी मे उबालकर, छानकर पी ले। ये उपाय पीरियड के बाद कम से कम 3 से 4 दिन तक करें। कोहोश और मगवार्ट का प्रयोग डॉक्टर के देख रेख में ही करें।

6-कपास

पुराने समय मे लोग इस विधि का प्रयोग करते थे, लेकिन आप इस प्रयोग को करने से पहले भली भांति जानकारी जुटा ले। इसके लिए सूखे हुए कपास के पौधे की जड़ ले, उसकी छाल उतारकर पानी मे उबाले, जब पानी आधा रह जाये तो छानकर रख ले। रोज इस पानी को 50 ml की मात्रा में पिएं।

7-पीपल, सुहागा, बाय बिडंग

पीपल, सुहागा, बाय बिडंग को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना ले, जिस दिन पीरियड स्टार्ट हो उस दिन से लेकर 7 दिन तक रोज़ 5 ग्राम चूर्ण का सेवन करें। ये उपाय काफी लंबे समय तक आपको गर्भधारण से बचाएगा।

8-गाजर

जंगली गाजर के बीज ले, उसे पानी मे उबालकर उस पानी को छानकर पिए। सम्भोग के तुरन्त बाद भी बीज का सेवन कर सकते है पर ध्यान रहे, ज्यादा मात्रा में लेने से कब्ज की समस्या हो सकती है।

कोशिश करे की आप स्थायी और विश्वसनीय गर्भनिरोधक तरीके अपनाए। लेकिन कई बार उपलब्धि या किसी अन्य समस्या के कारण ऐसा करना मुश्किल होता है, ऐसे में ये साधन अपनाए जा सकते है। इन सभी उपायों को पूर्णरूप से किसी जानकार की देखरेख में करें। अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ ना करें।

ये भी पढ़े:  गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान भोजन
Previous Post
kids disease
शिशु

बचपन की बीमारियाँ और उनके टीके

Next Post
maxresdefault
गर्भावस्था

बच्चे का रंग गोरा करने का तरीका

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *