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क्या है गर्भवती ना होने के तरीके?

कोई भी शादीशुदा जोड़ा शादी के बाद बच्चे की चाह रखता है लेकिन कई बार इस इच्छा को कुछ समय के लिए छोड़ना पड़ता है। उसके कई कारण हो सकते है जैसे कैरियर, उम्र, हेल्थ। ऐसे पति पत्नी के बीच गर्भनिरोधक तरीको को लेकर असमंजस होता है। क्या सही रहेगा, किसके क्या फायदे नुकसान है। तो आज इस आर्टिकल में आपका ये असमंजस दूर करने जा प्रयास करते है। गर्भनिरोधक तरीके स्त्री पुरुष दोनों के द्वारा अपनाए जाते है।

पुरुषों द्वारा अपनाए गए तरीके

1- चरम पर सयंम

इस विधि में जब पुरुष चरम पर आने वाला होता है तो या तो वो सयंम बरत लेता है या अन्य तरीके से सुख प्राप्त करता है। इस प्रकार स्पर्म अंडों तक पहुँच ही नही पाते।

2-पुलआउट विधि

इस विधि में पुरुष स्पर्म निकलने से पहले ही अपने लिंग को योनि से बाहर निकाल लेता है। लेकिन इसके लिए प्रैक्टिस की जरूरत है, क्योंकि चरम पर पुलआउट करना बहुत ही मुश्किल होता है।

3-कॉन्डोम

ये गर्भनिरोधन का सबसे सेफ और आसान उपाय है, लेकिन पुरूषों को इससे ये शिकायत होती है कि इससे वो सम्पूर्ण सुख प्राप्त नही कर पाते। इस कारण आजकल मार्किट में एक्स्ट्रा थिन और डॉटेड कंडोम अवेलेबल है।

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4-पुरुष नसबंदी

ये गर्भनिरोधक का 100% सेफ तरीका है इसमे सर्जरी द्वारा पुरुष की वेसकुलेचर को बंद कर दिया जाता है। ये दो प्रकार से होती है चीरा विधि और स्केलपेल विधि।

महिलाओ द्वारा अपनाए गए तरीक

1-गर्भनिरोधक गोली

गर्भनिरोधक गोली दो प्रकार की होती है :

  • कम्बाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल (सी.ओ.सी.पी.)
    इस पिल में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनो तरह के हॉर्मोन होते है। ये पिल ना केवल डिम्ब का उत्पादन रोकती है बल्कि सर्विक्स के चारो तरफ म्यूकस को गाढ़ा करके स्पर्म की एंट्री को रोक देती है।
  • प्रोजेस्टेरोन ओनली पिल या मिनी पिल
    ये पिल केवल म्यूकस को गाढ़ा करती है, पर लगातार लेने से कई वार डिम्ब का उत्पादन भी रोक देती है।

2-बर्थकंट्रोल पैच

इस प्लास्टिक के पतले पैच को कूल्हों, हाथों, पेट कहीं पर भी लगाया जा सकता है। यह एग को ओवरी में जाने से रोकता है।

3- गर्भनिरोधक इंजेक्शन

हर तीन महीने में लगने वाला ये इंजेक्शन प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन रिलीज करता है जो ओव्यूलेशन को रोकता है।

4-ओव्यूलेशन पीरियड पर नजर रखना

इसके लिए महिला को ओव्युलेशन पीरियड में सम्बन्ध बनाने से बचना होता है क्योंकि इस समय गर्भधारण के चान्सेस सबसे ज्यादा होते है। ओव्यूलेशन पीरियड माहवारी से 2 सप्ताह पहले के समय को माना जाता है।

5-कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट

माचिस की तीली जैसी पतली रॉड को डॉक्टर हाथ मे डालते है। इसके द्वारा रिलीज होने वाला हॉर्मोन चार साल तक गर्भधारण से बचाता है।

6-डायाफ्राम

7-महिला नसबंदी

ये गर्भनिरोधक तरीका परमानेंट सॉल्यूशन है इसमे महिला की फैलोपियन ट्यूब को बंद कर दिया जाता है, इससे एग स्पर्म तक नही पहुँच पाते।

8-इंट्रा यूटेराइन डिवाइस

हार्मोनल आई यू डी या कॉपर आई यू डी को गर्भाशय में फिट किया जाता है। ये 5 से10 साल तक गर्भधारण नही होने देती, बच्चे की चाह होने पर इन्हें निकलवाया जा सकता है। ये सबसे प्रभावी मानी जाती है।

9-बर्थ कंट्रोल रिंग

छोटी और लचीली रिंग को योनि में डाला जाता है जो हॉर्मोन रिलीज कर गर्भ धारण नही होने देती। पर इस हर महीने बदलवाना जरूरी होता है।

इन सभी तरीको को आजमाने से पहले डॉक्टर से भली प्रकार कंसल्ट करे ताकि आप अपने लिए गर्भवती ना होने के सही तरीके को चुन सके।

 
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