गर्भावस्था में कब्ज

प्रेगनेंसी में कब्ज से कैसे करे बचाव – Pregnancy me kabj ke upay in hindi

pregnancy me kabj ke upay in hindi

गर्भावस्था में कब्ज की समस्या एक अप्रिय परन्तु आम समस्या है। कब्ज का मतलब है की आप सप्ताह में तीन से कम बार ही मल त्याग कर पा रहे है। अधिकांश महिलाए ये पूछती है की गर्भावस्था में कब्ज की समस्या से बचने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। अगर आपको कब्ज की समस्या है, तो आप अपने दैनिक आहार में कुछ सिंपल से बदलाव करके इस समस्या को दूर कर सकते है। तो आज हम इस लेख में गर्भावस्था के दौरान कब्ज की समस्या पर बात करेंगे।



गर्भावस्था में कब्ज से बचने के लिए क्या ना खाये

  • कच्चा केला
  • प्रोसेस्ड अनाज
  • दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
  • रेड मीट
  • तले हुए फूड्स या फास्ट फूड्स

कच्चा केला

प्रेगनेंसी में कब्ज की समस्या से बचने के लिए कच्चा केला ना खाये। पका हुआ केला गर्भावस्था में कब्ज की समस्या से निजात दिलाता है जबकि कच्चा केला खाने से कब्ज हो सकती है। कच्चे केले में पके केले की तुलना में टैनिन की मात्रा उच्च होती है जिस कारण कच्चा केला कब्ज की समस्या पैदा करता है।
पका हुआ केला पीले रंग का होता है जिस पर कुछ भूरे रंग के दाग भी हो सकते है। पका हुआ केला आसानी से छीला जा सकता है।

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गर्भावस्था में कब्ज

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प्रोसेस्ड अनाज

प्रेगनेंसी के दौरान प्रोसेस्ड अनाज या भोजन जैसे कि सफेद ब्रैड, केक और इंस्टेंट नूडल्स आदि का सेवन ना करे या फिर पहले से कम कर दें। आमतौर पर इन प्रोसेस्ड आइटम्स में मैदा का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे की कुलचा, सफेद ब्रैड, नान, पूरी, केक और बिस्किट।




प्रोसेस्ड अनाज में पुरे अनाज की बजाय कम फाइबर होता है। प्रोसेस्ड अनाज से बने ये प्रोडक्ट्स जैसे कि सफेद चावल, सफेद रोटी और सफेद पास्ता कम पौष्टिक होते हैं और कब्ज का कारण बनते है। अगर आप गर्भावस्था के दौरान कब्ज की समस्या से दूर रहना चाहते है तो मैदे की बजाय आटे से बने प्रोडक्ट्स का सेवन करे।




दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स

कुछ लोगों को दूध या फिर दूध से बने प्रोडक्ट्स का सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है। मुख्य रूप से गाय के दूध से कुछ लोगो को गर्भवस्था में कब्ज की समस्या हो सकती है। अगर आपको कब्ज है और आप गाय का दूध पी रहे है तो इसे किसी और ऑप्शन से बदल कर देखे शायद आपको कब्ज से छुटकारा मिल जाये।

गाय के दूध और उस से बने डेयरी उत्पादों से कुछ लोगो को कब्ज की समस्या हो सकती है। ऐसे गाय के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन के कारण होता है।

रेड मीट

प्रेगनेंसी में कब्ज की समस्या से बचने के लिए रेड यानि लाल मीट का सेवन ना करे। रेड मीट से कब्ज होती है। रेड मीट में बहुत ही कम फाइबर होता है, जो की कब्ज की समस्या पैदा करता है।

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यदि आप अपनी गर्भावस्था के दौरान के भोजन में रेड मीट का सेवन अधिक करेंगे तो आप पर्याप्त मात्रा में फाइबर युक्त फल और सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज नहीं खा पाएंगे क्योंकि आप ने पहले रेड मीट से अपना पेट भर लिया है।

लाल मांस में आमतौर पर अधिक वसा और कम फाइबर होता है, इसलिए यदि आप अपने दैनिक आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों की जगह लाल मांस खाते हैं, तो यह कब्ज की समस्या को और भी बढ़ा सकता है।

तले हुए फूड्स या फास्ट फूड्स

प्रेगनेंसी में तला हुआ भोजन या फास्ट फूड आपके व होने वाले बच्चे की सेहत के लिए ठीक नहीं है। अधिक मात्रा में तले हुए फूड्स या फास्ट फूड्स खाने से भी कब्ज होने का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तले हुए फूड्स या फास्ट फूड्स में उच्च वसा और कम फाइबर होता हैं। उच्च वसा और कम फाइबर एक ऐसे कॉम्बिनेशन है जो शरीर में खाना पचने की प्रोसेस को धीमा करता है।




इतना ही नहीं तले हुए फ़ूड और फास्ट फूड में काफी मात्रा में नमक होता है, जो शरीर में पानी की मात्रा कम कर सकता है या फिर इसे सुखा सकता है इससे कब्ज की समस्या आसानी से हो सकती है।

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