3rd month of pregnancy diet

गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान भोजन

3rd Month Of Pregnancy Diet

आप गर्भावस्था के इस महीने के अंत में अपने पहले पड़ाव को छूने जा रहे हैं। गर्भावस्था के तीसरे महीने का अंत फर्स्ट ट्राइमेस्टर का अंत है। फर्स्ट ट्राइमेस्टर के मुख्य लक्षण जो कि आप पिछले दो महीनों से महसुस कर रहे हैं, जैसे कि मोरनींग सीकनेस, मतली और उल्टी इस महीने चरम पर होते हैं। इसके अलावा आप मे चिड़चिड़ापन, खाद्य घृणा और गंध संवेदनशीलता जैसे लक्षण हो सकते हैं। अपितु खान पान में ध्यान रखना भी जरूरी है। इसलिए मसालेदार, तैलीय और फैटी भोजन से बचें। नियमित रूप से खाएं। 3 बड़े भोजन के बजाय एक दिन में 5 से 6 स्वस्थ, छोटे भोजन खाएं। गर्भ में पल रहे बच्चे की वृद्धि का एकमात्र स्रोत गर्भवती महिलाओं द्वारा लिया गया भोजन है।

गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान क्या खाए

 

विटामिन बी 6 से भरपूर खाद्य पदार्थ

विटामिन बी 6 मतली और उल्टी से निपटने में मदद करता है।  विटामिन बी -6 युक्त खाद्य पदार्थों के उदाहरणों में लीन मीट, पोल्ट्री, अंडे, खट्टे फल, फलियां, सोयाबीन, नट्स, बीज, और एवोकाडो शामिल हैं।

फोलेट-रिच फूड्स

बच्चे के दिमाग और मेरुदंड तथा समुचित तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए फोलेट या फोलिक एसिड बहुत महत्वपूर्ण है। फोलिक एसिड की दवाई के साथ अपने आहार में फोलेट युक्त खाद्य पदार्थों के प्राकृतिक स्रोतों को शामिल करना अच्छा है।  फोलेट युक्त खाद्य पदार्थों के उदाहरण ब्रोकोली, खट्टे फल, बीन्स, मटर, मसूर, एवोकैडो, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, भिंडी, शतावरी और गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और केल हैं।

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फल और सब्जियाँ

प्रति दिन फल और सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें। वे रस के रूप में हो सकते हैं या ताजा कटे हुए।   विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि आमतौर पर जूस पीने की तुलना में फल खाना आपके लिए बेहतर होता है, क्योंकि जूस में प्राकृतिक शर्करा का स्तर बहुत अधिक होता है।  ताजा फल और सब्जियों में आमतौर पर विटामिन और अन्य पोषक तत्वों का उच्च स्तर होता है।घने पोषण के लिए गाजर या व्हीटग्रास जैसे सब्जियों के रस ले। इनमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट एवं उच्च फाइबर होता है। आहार में बहुत सारे मेलन, एवोकाडोस, अनार, केले, अमरूद, संतरा, स्ट्रॉबेरी और सेब शामिल करें। विभिन्न रंगों वाली सब्जियां चुनें और सुनिश्चित करें कि आपको पोषक तत्वों और स्वादों की एक विस्तृत श्रृंखला मिल सके।  उदाहरणों में पालक, ब्रोकोली, शकरकंद, टमाटर, गाजर, कद्दू, बेल मिर्च, मक्का, बैंगन, गोभी, ड्रमस्टिक आदि शामिल हैं।

कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर के लिए ऊर्जा स्रोत प्रदान करते हैं, इसलिए गर्भावस्था के आहार का एक महत्वपूर्ण घटक है। कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट साबुत अनाज, फलियां, और स्टार्च युक्त सब्जियों जैसे आलू और शकरकंद जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में ब्रेक-डाउन और पाचन में अधिक समय लेते हैं।  यह ऊर्जा की स्थिर मात्रा लंबे समय तक प्रदान करने में मदद करता है। फलों और सब्जियों में सरल कार्बोहाइड्रेट भी तुरंत ऊर्जा पाने के लिए अच्छे होते हैं।

प्रोटीन

प्रोटीन डीएनए, टीस्यु और मांसपेशियों के निर्माण खंड हैं। वे हमारे शरीर में एंजाइम को ट्रिगर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  इसलिए भ्रूण के समुचित विकास के लिए प्रोटीन आवश्यक हैं। सभी गर्भवती महिलाओं और विशेष रूप से शाकाहारी लोगों को निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को प्रोटीन का अच्छा स्रोत मानना ​​चाहिए। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के उदाहरणों में फलियां, क्विनोआ, बीज, दाल, चिकन, नट्स, नट बटर, मांस, और सोयाबीन हैं।

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ओमेगा 3 – Omega 3

अत्यधिक उच्च चरबी वाले आहार के साथ गर्भावस्था के अन्य जोखिम हैं, इसलिए एक संतुलन की आवश्यकता होती है और मोनोअनसैचुरेटेड और ओमेगा -3 या “हेल्थी फेट ” प्राथमिक फेट विकल्प होना चाहिए। ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ सोयाबीन, कैनोला तेल, अखरोट, चिया बीज, फ्लैक्ससीड्स, सामन, मैकेरल, सार्डिन और ब्राउन चावल हैं।

कैल्शियम

कैल्शियम का स्वस्थ दैनिक सेवन करना गर्भावस्था में  महत्वपूर्ण है।  डेयरी खाद्य पदार्थ, जैसे कि पनीर, दूध, और दही कैल्शियम से भरपूर होते हैं।  यदि माँ शाकाहारी है, तो उसे निम्नलिखित कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों पर विचार करना चाहिए;  कैल्शियम-फोर्टिफाइड सोइमिल्क और अन्य प्लांट मिल्क और जूस, कैल्शियम-सेट टोफू, सोयाबीन, बोक चोय, ब्रोकोली, कोलार्ड्स, चाइनीज गोभी, भिंडी, सरसों का साग, बीन्स, केल, और सोयाबीन।

जिंक

जिंक एक महत्वपूर्ण ट्रेस तत्व है।  यह सामान्य वृद्धि और विकास, सेलुलर अखंडता, और न्यूक्लिक एसिड चयापचय और प्रोटीन संश्लेषण सहित कई जैविक कार्यों में एक प्रमुख भूमिका निभाता है।

चूंकि ये सभी कार्य विकास और कोशिका विभाजन में शामिल हैं, इसलिए जिंक भ्रूण के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। जिंक के सबसे अच्छे स्रोत हैं चिकन, टर्की, हैम, झींगा, केकड़ा, सीप, मांस, मछली, डेयरी उत्पाद, बीन्स, पीनट बटर, नट्स, सूरजमुखी के बीज, अदरक, प्याज, चोकर, गेहूं के बीज, चावल, पास्ता, अनाज।  अंडे, दाल, और टोफू।

विटामिन डी

विटामिन डी बच्चे में इम्यून सिस्टम, स्वस्थ दांतों और हड्डियों के विकास और स्वस्थ कोशिका विभाजन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों के उदाहरण फेटयुक्त मछलियाँ हैं जैसे सैल्मन, मैकेरल और टूना, अंडे की जर्दी, कॉड लिवर ऑयल और विटामिन डी फोर्टीफाइड दूध या अनाज।

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उच्च फाइबर युक्त आहार

फाइबर हमारे भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। फ़ाइबर हमारे पाचन तंत्र को प्राकृतिक तरीके से साफ करने में मदद करता है। साबुत अनाज, गेहूं चोकर, फल, सब्जियां, दालें फाइबर के समृद्ध स्रोत हैं। फाइबर से भरपूर आहार गर्भवती महिला को बहुत महत्वपूर्ण विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट देता है। कब्ज जैसी तकलीफों के लिए गर्भवती महिलाओं में उच्च फाइबर आहार शामिल करना महत्वपूर्ण है।

तदुपरांत गर्भावस्था में पर्याप्त पानी का उपयोग करके हाइड्रेटेड रहना अत्यंत आवश्यक है। तरल आहार भी पाचन प्रक्रिया के लिए सरल है। दूध, लस्सी, फल का रस, सब्जी सूप आदि कब्ज में राहत देता है और आवश्यक विटामिन और खनिज तत्त्व भी प्रदान करता है।

गर्भवती महिलाओं को चाय, कॉफ़ी, ऐएरेटेड और कैफीन युक्त पेय से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

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