pregnancy ka pata kaise chale

घर पर कैसे पता करें कि आप गर्भवती हैं?

कुछ बुनियादी मानव वृत्ति हैं जो कि हम हमेशा अपने शरीर के बारे में जानते हैं। जो गर्भावस्था के संबंध में महिलाओं पर भी लागू होता है। हालांकि हमारे पास घर पर गर्भावस्था का परीक्षण करने के लिए होम प्रेग्नेंसी के रूप में एडवांस तकनीक है। मगर कुछ शारीरिक परिवर्तन हैं, जो आपको फर्टिलाइजेशन के 1 सप्ताह बाद भी आप गर्भवती हैं यह बता सकते हैं। हालांकि यह मामला अलग-अलग गर्भवती महिलाओं में अलग-अलग होता है। कई महिलाएं इन लक्षणों को महसूस कर सकती है और किसी और महिला को बहुत देर से अपने प्रेगनेंट होने का पता चलता है।

अर्ली प्रेग्नेंसी के कुछ लक्षण यहां दिए गए है Early pregnancy symptoms

पीरियड्स में न आना

अगर आप प्रेग्नेंसी की परिस्थिति में है। तो एक हफ्ते या ज़्यादा समय के लिए अपने निर्धरित पीरियड्स में ना आना प्रेग्नेंसी सूचित करता है। हालाकि पीरियड्स में ना आने का अन्य कोई कारण या अस्थाई पीरियड्स हो सकते हैं।

जी मिचलाना

जी मिचलाना अर्ली प्रेग्नेंसी की निशानी है। पर कुछ महिलाएं अपनी पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान यह लक्षण महसूस नहीं करती। हालाकि जी मिचलाने से इस बात की पुष्टि नहीं होती के आप प्रेगनेंट हो।

स्तन में बदलाव

अर्ली प्रेग्नेंसी में शरीर में हॉरमोनल बदलाव आने की वजह से स्तन में सूजन पाई जाती है। स्तन संवेदनशील हो जाते है। स्तन में कई बार सामान्य स्पर्श करने पर भी पीड़ा का अनुभव हो सकता है। जो कि कुछ हफ्तों बाद ठीक होने लगता है।

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बार बार पेशाब जाना

प्रेग्नेंसी की शुरुआत में शरीर में खून की मात्रा में बढ़ोतरी होती है। जिससे गुर्दों को ज्यादा काम करना पड़ता है। और पेशाब की मात्रा भी बढ़ जाती है। जो कि सेकंड ट्राइमेस्टर में ठीक हो जाता है।

लाइट स्पॉटिंग

कभी कभी अर्ली प्रेग्नेंसी में लाइट स्पॉटिंग होता है। जो कि इंप्लांटेशन की वजह से होता है। यह स्पॉटिंग कंसेप्शन के 10 से 14 दिन के बाद होता है। इस समय फर्टिलाइज अंडा गर्भाशय की दीवार से जुड़ता है। सारी महिलाओ में इंप्लांटेशन ब्लीडिंग दिखे यह जरूरी नहीं है। हालाकि इंप्लांटेशन ब्लीडिंग, मेंस्ट्रुएशन के समय के आसपास होती है।

ब्लोटिंग

हार्मोन में बदलाव के कारण ब्लोटिंग होती है। जो कि अर्ली प्रेग्नेंसी का एक लक्षण है। लेकिन ब्लोटिंग पीरियड्स आने से पहले भी हो सकती है।

मूड स्विंग

शरीर में हार्मोन में आया बदलाव मूड स्विंग भी हो सकता है। अर्ली प्रेग्नेंसी में आप भावनात्मक महसूस करती है। आपको बिना बात रोना भी आ सकता है।

कब्ज़

हार्मोन में बदलाव के कारण पाचनतंत्र मंद पड़ जाता है। जिसके कारण अर्ली प्रेग्नेंसी में कब्ज़ की समस्या हो सकती है।

क्रेंपिंग

कई महिला प्रेग्नेंसी की शुरुआत में गर्भाशय में क्रेंपिंग महसूस करती है।

भोजन से परहेज़

प्रेग्नेंसी में आपको खाने की किसी विशिष्ट गंध या स्वाद से उब चड़ती है। आप अर्ली प्रेग्नेंसी में ठीक से कहा नहीं पाती। यह भी हार्मोन के बदलाव के कारण होता है।

नाक बंद हो जाना

हार्मोन और खून के ज्यादा प्रोडक्शन के कारण नाक का मेंबरान सुज जाता है। इस कारण नाक बंद हो जाता है। कभी कभी नाक से खून भी बहता है।
उपर दिए गए सारे लक्षण अर्ली प्रेग्नेंसी से जुड़े है। परंतु यह लक्षण प्रेग्नेंसी की पूरी तरह पुष्टि नहीं करते। यह लक्षण प्रेग्नेंसी के अद्वितीय लक्षण नहीं है और अन्य परिस्थितियों में भी दिख सकते है। जैसे कि पीरियड्स में आने से पहले या बीमार होने से पूर्व। कहीं बार अर्ली प्रेग्नेंसी में इन में से कोई लक्षण नहीं दिखता।
अगर आपको संदेह हो की आप प्रेगनेंट है तो आप अपने पीरियड्स की तारीख के जाने के बाद होम प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती है। आप गायनिक को भी कंसल्ट कर सकती है।

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